மாமியார் மருமகன் கதை

मुंबई ते नागपूर बुलेट ट्रेन

मुंबई ते नागपूर बुलेट ट्रेन, मेरे बदन पर अब केवल गीली पॅंटी थी जिसको की मैं अलग नहीं करना चाहती थी. ठंड अब भी लग रही थी मगर क्या किया जा सकता था. मैं दांत पीसकर कह उठा ---- हाँ बंसल ! तुम्हीं को कह रहा हूं । हालांकि मुझसे मिलते वक्त तुमने चेहरे को नकाब के पीछे छुपाने की भरसक चेष्टा की परन्तु बेवफूफी भरी कुछ ऐसी बातें कह गये जिनसे मैं तुम्हें पहचान गया ।

उसने कस के अपना एक हाथ सोनल की कमर में डाल के एक जोर का झटका दिया और उसका लंड जैसे कि सोनल के गर्भाशय तक पहुँच गया। असली गोलिया इसमें है । कहने के साथ जैकी ने अपने होलेस्टर से रिवाल्वरर निकालकर उस पर तान दिया ---- और तुम मेरे निशाने पर हो।

ऋषि- प्लीज ना भाभी वी विल टाक अबौट इट लेटर प्लीज लेट मी प्ले वित यू यू आर सो साफ्ट आंड हेरलेस सो स्वीट टू टेस्ट आंड नाइस टू टच मुंबई ते नागपूर बुलेट ट्रेन यह सब काम रवि की कुर्सी के ठीक सामने ही चल रहा था, लेकिन रवि एकदम लाचार, मजबूर वो अपनी पत्नी को केशव से चुदता हुआ देख सकता था, लेकिन उसकी कोई भी किसी भी तरह की मदद नहीं कर सकता था और वो दोनों भी यही चाहते थे और अब तक सब कुछ एकदम ठीक ठाक चल रहा था।

नाशिक जिल्ह्यात पावसाचा अंदाज

  1. अचानक फिर सुरंग आती है और इस सुरंग के चलते जो 6-7 लोग मुठ मार रहे थे उन्होंने अपना अपना माल कामना के ऊपर डाल दिया और कुछ माल रमन के मुह पर भी पड़ा,कामना का मुह, गला और बूब्स तो माल से भीग गए थे, और रमन का माल भी कच्छे में निकल गया, कामना भी झड़ गयी..
  2. अन्दर आ जाओ भाभी, सोनल ने जवाब दिया. जिसे सुनकर रश्मि दरवाज़ा खोलकर अन्दर आ गयी. अन्दर आते ही उसने देखा कि सोनल सिर्फ पेंटी पहनी हुई है और पूरी तरह से नग्न है. उसे ऐसी हालत में देखते ही रश्मि पीछे मुड गयी और बोली, ओहो सोनल…पहले कपड़े तो पहन लेती फिर मुझे कहती अंदर आने को સેક્સી બીપી ગુજરાતી
  3. अब चूत की ज़रूरत किसे नही होती थोड़े नखरे करने के बाद मान ना तो था ही मुझे मैने उसकी पप्पी ली और बोला तुम चलो मैं एक घंटे बाद आउन्गा वो क्या हैं अभी इतना टाइम नही हुआ है कोई आ निकला तो कही दिक्कत ना हो जाए वो खुश होके चली गयी कोई साढ़े 9 बजे मैने ताला लगाया और शीला के घर पहुच गया गगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगग सूऊऊऊऊ नाइस करने लगी 8-10 मिनट तक मैं पूरे मज़े से चूत को चाट ता रहा फिर एका एक उनका पूरा शरीर टाइट हो गया और चूत ने अपना पानी मेरे मुँह मे गिरा दिया एक एक बूँद को मैं चाट गया
  4. मुंबई ते नागपूर बुलेट ट्रेन...मममम.... सच मुच साली तू सबसे चुदास निकली... तेरे जैसी कई लड़कियों को चोदा है लेकिन तेरे जितना मज़ा मुझे किसी ने नहीं दिया...! वो हँसते हुए कहता गया और अपनी पैंट पहन के सोनल को नंगी हालत में छोड़ के चल दिया। सोनल और आरती कविता को स्टेशन से पिक करती हैं और सीधे अपने घर आती हैं. सोनल कविता का समान अपने कमरे में रख लेती है और उसका इंतेज़ाम उसने अपने साथ ही किया हुआ था. आरती अपने कमरे में कुछ काम करने चली जाती है और दोनो एक दूसरे के गले लग जाती हैं.
  5. ऊह ऊँघ ऊँह ऊँह ऊहहह! चोद चोद चोद! मादरचोद जय! झड़ा दिया मम्मी को तूने मेरे लाल ! दम लगा कर मुझे चोद! मेरी गाँड ::: मम्मी की गाँड में उंगल दे सूअर! 'ऐंह ऍहः कमलाबाई की तरह ही! तेरी माँ भी हरामजादी भंगिन कमलाबाई की तरह तुझसे चोदना चाहती है ! मैं- तो सुन सपना, जैसे तेरे बोब्बे बड़े बड़े हैं काकी के जैसे और तेरी गांड भी बड़ी है तो इसे देखकर बाहर सबके लण्ड खड़े होते होंगे, और तेरी चूत में डालने की सोचते होंगे, तो कभी भी किसी का भी लण्ड अपनी चूत में मत डलवाना वरना बच्चा हो जायेगा, समझी?

ইন্ডিয়ান সেক্স ওপেন ভিডিও

लगी शर्त कुतिया! मैं झड़ा तो गाँड मरवा दूंगा! । ६ : ‘आइंह 'ऐ ऐंह डैडी से मरवानी होगी ! ओके! तू झड़ी तो मेरा वीर्य पियेगी !

वैसे तो ये सरासर ग़लत है ..एक मा हो कर मुझे ऐसा नही करना चाहिए ..लेकिन अगर इस वक़्त इसका झड़ना ज़बरदस्ती रोका गया तो शायद बाद मे अंजाम बहुत ही घातक हो सकता है खेर आरती भी रवि की हालत देखकर अपने को भूल गई थी और खाना खाने के बाद तो रवि लेटते ही नींद के आगोश में ऐसा गया कि जैसे सदियो से सोया नहीं था आरती भी बिना किसी नोकझोक के अपनी तरफ होकर सो गई

मुंबई ते नागपूर बुलेट ट्रेन,Aah bahut hi mast kahani hai gajab ki chudai karwaye ho Arati aur Sonal ki bahut hi mast randiya hai dono Maja aa gaya

कमल तो मस्ती में था और आरती कि गुदाज़ चूचियों पर लेट कर सुस्ताने लगा। दिन भर उन दोनों ने जी भर के एक दूसरे के साथ चुदाई की और अपने बदन की हवस को पूरा शाँत की।

चक दे पट्ठे, मार माँ की गाँड ऐसी गरम गाँड तुझे इस शहर के किसी रन्डी खाने में नहीं मिलने की! तेरे बाप ने हर घाट का पानी पिया है, पर तेरी माँ जैसी टाइट गाँड नसीब से मिलती है ! मिस्टर शर्मा ने पुत्र का उत्साहवर्धन किया।चोदा चोदी दिखाइए

सोनिया मस्ती से चीख पड़ी। अब उसके जवाँ जिस्म को दो मुँह चाट - चाट कर मचला रहे थे। ऐसी मस्ती उसके बर्दाश्त के बाहर थी! मगर आरती आज ये सब कुछ अपनी नज़रों के सामने होता देख कर आरती रवि को किसी भी तौर पर माफ़ करने को तैयार नही थी.

फिर रवि अचानक रामु से उसके कपड़े उतारने के लिए बोला। रवि की बात सुनकर आरती और रामू दोनो चोंकते हुए एक दूसरे का मुह देखेने लगे।

क्या कहती? अरुण उसका हज़्बेंड है उसका रचना पर पूरा हक़ है. कह कर मैं अपनी हँसी को दबाती हुई वहाँ से किचन मे चली गयी. किचन मे रचना सब सुन रही थी. मेरे आते ही मुझ से दबी आवाज़ मे बोली, राधा मैं तुझे मार डालूंगी. क्यों तरसा रही है उसे इतना बेचारा दीवाना हो गया तो.,मुंबई ते नागपूर बुलेट ट्रेन आरती को चुदने में बिलकुल शरम नहीं आ रही थी... शायद अपनी जवानी में उन्होंने कईयों से लण्ड खाये होंगे...

News