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डोळ्याखालील काळी वर्तुळे जाण्यासाठी उपाय

डोळ्याखालील काळी वर्तुळे जाण्यासाठी उपाय, इस दौरान बदिश का पानी ज़ोर ज़ोर से दोनो जिन्सी पदमियो के जिस्मो पर पड़ते हुए ज़ाहिद और रज़िया बीबी के लंड और चूत के पानी के ज़ायक़े को उन दोनो के लिए मज़ीद स्वाद वाला बना रहा था. हाईईईईईईईईईईईई में भी कब से इस मोके का मुंतीज़ार हूँ, कि कब में तुम्हारी इस प्यारी फुद्दि में अपना लंड डाल सकूँ मेरी ज़ोज़ा जानी अपनी बहन की बात सुन कर ज़ाहिद जोश में आया. और अपने सारे कपड़े उतार कर दूसरे ही लम्हे बिस्तर पर बिल्कुल नंगा लेट गया.

इसीलिए ज्यों ही शाज़िया का मम्मा ज़ाहिद के सामने नंगा हुआ.तो ज़ाहिद बड़े शौक और लालची नज़रों के साथ अपनी बहन के नंगी मम्मे का जायज़ा लेने लगा. ज़ाहिद ने बड़े प्यार से अपनी बहन के हाथों को उस के चेहरे हटाया. और अपनी बहन के मेक अप से फुल चेहरे पर अपनी नज़रें जमाते हुए अपनी बहन के हुष्ण की तारीफ की.

शाज़िया के जिस्म से अलग होते ही ज़ाहिद अपने बिस्तर की तरह चल पड़ा और बिस्तर तक पहुँचते पहुँचते ज़ाहिद ने अपनी कमीज़ उतार कर कमरे के फर्श पर फैंक दी. डोळ्याखालील काळी वर्तुळे जाण्यासाठी उपाय ज़ाहिद अपने जिस्म को हल्का सा नीचे ले जा कर अपना लंड को थोडा से बाहर निकालता. और फिर एक ज़ोर दार धक्का उपर की तरफ मार कर अपना लंड जड़ तक अपनी अम्मी की चूत में घुसा देता.

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  1. बल्कि आज तो रज़िया बीबी के जिस्म की अंदर की गर्मी ने भी उस को इतना बे हाल कर दिया था. कि अब उसे किसी पल चैन नही मिल रहा था.
  2. शाज़िया के भारी भरकम माममे पुश उप ब्रेज़ियर में से उभर उभर कर बाहर छलक रहे थे.और ज़ाहिद ही के दिए हुए तोफे में से आधे नंगे हो कर उस की भूकि आँखों के सामने मंडरा रहे थे. न्यू हॉट सेक्स वीडियो
  3. जब कि शाज़िया को जमशेद और नीलोफर के सामने कही गई अपने भाई की इस बात पर शरम सी आने लगे. इसीलिए कोई जवाब देने की बजाय उस ने खामोश रहने में ही बेहतरी महसूस की. आज खाली नही जाउन्गा चाची.. चाहे कुच्छ हो जाए.. बाद में मुझे ये मत कहना कि बताया नही.. सुन्दर ने गुर्रते हुए कहा और अंदर कमरे में जाकर बैठ गया....
  4. डोळ्याखालील काळी वर्तुळे जाण्यासाठी उपाय...ज़ाहिद और शाज़िया के साथ साथ जमशेद और नीलोफर की आँखों से आँसू जारी हो गये. और सब एक दूसरे से गले लग कर फूट फूट कर रोने लगी. किय्ाआआआआआआ आंटी आप भी ज़ाहिद से चुदवा चुकी हैंन्नननणणन् शाज़िया के मुँह से ये धमाके दार खबर सुन कर नीलोफर ने शाज़िया को और जमशेद ने एक दम अपने आप से अलग किया.
  5. मगर फिर आहिस्ता आहिस्ता उस को शाज़िया इतनी पसंद आने लगी.कि वो उस को हमेशा हमेशा के लिए अपने बिस्तर की ज़ीनत बनाने का फ़ैसला कर बैठा. अपनी बहन का लहंगा उतरते ही ज़ाहिद की नज़र ज्यों ही शाज़िया के पेट पर मेहन्दी से लिखे हुए इलफ़ाज़ भाई की चूत और नीचे शाज़िया की चूत की तरफ इशारा करने वाले तीर पर पड़ी. तो ज़ाहिद का लंड जोश से उस की शलवार में उछल उछल कर खलल डालने लगा.

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जिस की वजह से ज़ाहिद का लंड पीछे से बहुत ही आसानी के साथ पूरे का पूरा उस की बहन की फुद्दि में घुसाने लगा.

रज़िया बीबी ने सोचा कि ज़ाहिद को मोटर साइकल खड़ी कर के अपने कमरे तक आते आते थोड़ी देर हो जाएगी. तो क्यों ना वो इतनी देर में अपने बेटे ज़ाहिद के कमरे वाले बाथरूम में जा कर उसे यूज़ कर ले. अपने जिस्म की जिन्सी भूक के हाथों रज़िया बीबी इतनी मदहोश और मजबूर हो चुकी थी. कि लाख रोकने के बावजूद रज़िया बीबी के मुँह से सिसकारियाँ फूट फूट कर ना सिर्फ़ कमरे में बल्कि पूरे घर में गूंजने लगी थी.

डोळ्याखालील काळी वर्तुळे जाण्यासाठी उपाय,अब शाज़िया और नीलोफर के जिस्म पर उन के ब्रेजर्स और अंडरवेार्स ही बाकी रह गये थे. और ब्रेजर्स में मलबूस दोनो सहेलियाँ एक दूसरे की आँखों में आँखे डालते हुए एक दूसरे के मम्मो को हाथ में थाम कर प्यार से मसल रही थी.

शाज़िया जब तुम अपने भाई ज़ाहिद की बीवी बन गई हो, तो अपने भाई की बीवी बन कर तुम उसी के कमरे में रहो गी ना, अब तुम्हारा अपने पुराने कमरे में क्या काम, मेरी बच्ची रज़िया बीबी ने अपनी बेटी शाज़िया की बात के जवाब में उसे कहा

रज़िया बीबी की चूत ने आज उसे इतना गरमा दिया कि उस के सोचने समझने की सारी शक्ति ख़तम हो गई और वो अपनी आँखे बंद कर कर अपनी चूत के दाने को अपने हाथ से मसल्ने लगी.चिल्ड्रन बेड

जमशेद ने तीन चार बार बेहन की चूत पर अपनी ज़ुबान फेरी और फिर अपनी ज़ुबान को बेहन की चूत में डाल कर उसे चाटने लगा. ये तुम मुझ पर छोड़ दो,बस तुम मेरी बताई हुई बात पर अमल करो. ज़ाहिद ने नीलोफर की अपनी बात समझाते हुए कहा.

नीलोफर की बातों और हरकत को याद कर के शाज़िया इतनी गरम हुई.कि उस ने अपने धोने वाले कपड़ों की टोकरी में से अपनी वो शलवार निकाली. जिस पर उस के भाई ज़ाहिद ने अपनी मानी खारिज की थी.

आज यूँ इतने सालों बाद अपनी प्यासी और खुश्क फुददी का पानी अपने ही बेटे के नाम से छोड़ते हुए रज़िया बीबी को ना जाने क्यों ज़रा भी नदमत महसूस ना हुआ. और वो आज एक लंबे अरसे बाद अपनी फुद्दि का पानी अपने ही हाथ से निकाल कर के अपने आप को बहुत पुरसकून महसूस करने लगी थी.,डोळ्याखालील काळी वर्तुळे जाण्यासाठी उपाय अपनी अम्मी के जिस्म को अपनी बाहों में काबू करते ही ज़ाहिद ने पीछे से हाथ बढ़ा कर अपनी अम्मी की कमीज़ के खुले गले से बाहर छलकती हुई रज़िया बीबी की बड़ी बड़ी छातियों को अपने दोनो हाथों की गिरफ़्त में थाम लिया.

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